दुर्ग। भगवान बाबा रामदेव जी के जन्मोत्सव भादवा महामहोत्सव के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा रामदेव मंदिर गंजपारा में उपलक्ष मे रामदेव बाबा मंदिर गंजपारा दुर्ग में विभिन्न धार्मिक आयोजन आयोजित किए गए है जोकि दिनांक 12 से 22 सितम्बर तक प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंकज राठी ने बताया कि जन्मोत्सव कार्यक्रम में मंगलमय देवी भागवत की कथा का आयोजन किया गया है जिसमें श्रद्धेय गोवत्स राजीव कृष्ण जी महाराज धुलिया महाराष्ट्र के श्रीमुख से कथा की जा रही है।
कथा के चौथे दिवस व्यास मंच से राजीव कृष्ण जी महाराज ने देवी की ममता मय स्वरूप मे सरस्वती के बीज मंत्र ॐ ऐम सरस्वत्ये नमः का महात्म्य बताया जिससे बच्चे अध्ययन करते समय गणेशजी सरस्वती माता एवम सदगुरु का ध्यान करके बैठे तो एकाग्रता बढेगी और स्मरण शक्ती तीव्र होगी और बालक संस्कारीत होंगे एवम साथ मे अभिभावक बालको के शिक्षा के साथ संस्कार संस्कृती मातृभाषा एवम नैतिकता पर ध्यान देने हेतू उन्हे घर मे ही गुरुकुल शिक्षा देने के के लिये महाराजश्री ने प्रेरित किया।
राजीव कृष्ण जी ने कहा कि हर मंदिर गौशाला मे प्रति रविवार 30 मिनट का संस्कार शिविर का आयोजन हो मोबाईल से दुरी रखकर जिसमे बालक संस्कृत गीता शास्त्र पढे देव देश धर्म, को जाने इसलिये पंडितजी, शिक्षक, आदी सहकार्य करे तो नये भारत का निर्माण संभव है.. एवम कथा मे त्रिदेवी हमारे घर कि मातृ शक्ती ही हैं हमारे सनातन मे स्त्री सम्मान जितना होता हैं वह विश्व मे कही नही होता… मनुस्मृती मे लिखा हैं यत्र नार्यास्तू पूज्यनते रमणते तत्र देवता… मातृ शक्ती के सम्मान मे सनातन धर्म 4 नवरात्री मनाते हैं. जिसमे कुमारी कन्या पुजन गौरा रूप मे होती हैं, विवाहित कन्या लक्ष्मी एवम बालक को संस्कार देने वाली माँ शारदा का रूप मानी जाती हैं.. होली, दिवाली, सभी पर्व स्त्री वाचक हैं. मातृ शक्ती, प्रधान हैं..नवरात्री उपासना विधी कि जानकारी देकर गरबा महोत्सव मे मात्र सनातन का सन्मान, पावित्रता रखने वाले को ही गरबा दांडिया उत्सव मे प्रवेश मिले इसलिये गोमूत्र, प्राशन करवाकर, एवम तिलक लगवाकर ही प्रवेश हो अन्यथा प्रवेश वर्जित हो और फिल्मी गीत वर्जित कर भक्तिमय संगीत, भजनो पर दांडिया उत्सव मनाने का आवाहन महाराजश्री ने किया।
आज की कथा में दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्यमंत्री ललित चंद्राकर अशोक राठी अध्यक्ष माहेश्वरी समाज कथा के मुख्य यजमान पंकज पुरुषोत्तम गांधी पं बिरेंद्र चतुर्वेदी पंडित प्रशांत कुमार डां शंकर दम्मानी जगदीश झंवर नरेन्द्र राठी बीरदीचंद सोनी रामावतार राठी मनोज राठी मुकेश राठी विकाश राठी संतोष चांडक गोलू राठी गोपाल राठी संतोष राजपुरोहित मनोज भूतड़ा जितेंद्र राठी मनोज गुप्ता लाला विनय मिश्रा दिनेश शर्मा राकेश महोबिया किशोर बूबजी कमलेश टावरी अजय राठी हर्ष राठी एवं अन्य उपस्थित थे।



