Home छत्तीसगढ़ आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों ने समझी तकनीक की बारीकियां

आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों ने समझी तकनीक की बारीकियां

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डोंगरगढ़। विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और तकनीकी ज्ञान विकसित करने के उद्देश्य से जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आईआईटी भिलाई का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण में जवाहर नवोदय विद्यालय के 15, केंद्रीय विद्यालय के 10, SAGES स्कूल के 9 और शासकीय कन्या विद्यालय के 16 विद्यार्थी शामिल हुए।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने आईआईटी भिलाई की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने लाइब्रेरी, सीपीएफ, इलेक्ट्रिकल लैब और 5जी लैब का भ्रमण कर तकनीकी कार्यप्रणाली को समझा। प्रयोगशालाओं में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक अधिगम का अवसर मिला।

कार्यक्रम के मॉर्निंग सेशन में डॉ. महबूब आलम ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। वहीं डॉ. धीमान साहा ने साइबर सिक्योरिटी विषय पर जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। सेमिनार में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और तकनीकी विषयों से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त किए।

कार्यक्रम का समन्वय श्रीमती रश्मि रांदिवे एवं श्री नरसिम्हा राव ने किया। जवाहर नवोदय विद्यालय की ओर से श्रीमती दिव्या जैन, टीजीटी गणित, एस्कॉर्ट शिक्षिका के रूप में शामिल रहीं। केंद्रीय विद्यालय से मिताली मैडम तथा SAGES विद्यालय से पूजा भार्गव मैडम ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अन्य विद्यालयों के एस्कॉर्ट शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की।

विद्यालय के उप प्राचार्य संजय कुमार मंडल ने विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ उन्हें विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती दिव्या जैन के मार्गदर्शन में भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय के प्राचार्य श्री एस. सिंह ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

आईआईटी भिलाई की आधुनिक प्रयोगशालाओं, सेमिनार और प्रयोगात्मक गतिविधियों के प्रत्यक्ष अनुभव से विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ी। साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा और भविष्य में करियर की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिला।