भिलाई। भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान, आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति और चंद्रशेखर फाउंडेशन की ओर से एचएससीएल कॉलोनी रूआबांधा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने इन दोनों महापुरुषों के आदर्शों पर चलते हुए देश के नवनिर्माण का संकल्प लिया।
शुरुआत में अतिथियों ने गांधी-शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान मुख्य वक्ता अधिवक्ता जमील अहमद ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का देश के प्रति योगदान भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज जबकि नफरत का बोलबाला होते जा रहा है, ऐसे में गांधी-शास्त्री दोनों और ज्यादा प्रासंगिक हो चुके हैं। इसलिए देशवासियों को चाहिए कि इन दोनों महान हस्तियों से प्रेरणा लेते हुए समाज की पुनर्संरचना के लिए मिल जुल कर काम करें।
आयोजन समिति के अध्यक्ष आर पी शर्मा ने कहा कि गुलामी के दौर में जबकि अन्याय व नफरत का बोलबाला था, ऐसे में सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों पर भारत को एकजुट करने का जो अविश्वसनीय कार्य महात्मा गांधी ने कर दिखाया था, कुछ ऐसा ही आज हमें करना होगा। उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को पूजा जा रहा है, जो कि दुर्भाग्यजनक है। तब इसी विचारधारा ने महात्मा गांधी को निशाना बनाया था और आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जान से मारने की खुली धमकी दी जा रही है, इसके बावजूद संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाले कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह अपने आप में शर्मनाक है। वहीं विडम्बना यह भी है कि गोडसे को मानने वाले लोग भारत के बाहर जाकर गांधी का ही नाम लेते हैं। उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी की सत्य-अहिंसा की नीति और लाल बहादुर शास्त्री की सादगी को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ईवीएम की गड़बड़ी कर सत्ता हासिल करने वाले लोग खुलेआम देश की एक बड़ी आबादी का मताधिकार खत्म करने का बीड़ा उठाए हुए हैं, यह गांधी के सपनों के भारत को खत्म करने की साजिश है, जिसे हम सबको मिलजुल कर विफल करना होगा।
त्रिलोक मिश्रा ने कहा कि आज सांप्रदायिकता का बोलबाला है और नफरत अपनी गहरी पैठ बना रहा है। यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ नहीं है। आज हमें महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते हुए देश का पुनर्निर्माण करना होगा। आयोजन में त्रिलोक मिश्रा, सूबेदार सिंह यादव, सुरेखा नागवंशी, कपिल देव प्रसाद, धनंजय यादव, आनंद कुमार ,मदन लाल श्रीवास्तव,वजीहुद्दीन सिद्दीकी और नंदकिशोर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
गांधी-शास्त्री की प्रेरणा से संकल्प लेना होगा देश के नवनिर्माण का:अधिवक्ता जमील
एचएससीएल कालोनी रूआबांधा में मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती



