राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन शर्मा के निर्देश पर कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर बुधवार को कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार को सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
संघ के प्रदेश महामंत्री विजय लहरे, दुर्ग संभाग अध्यक्ष एवं सचिव आनंद कुमार श्रीवास्तव तथा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार देवांगन के मार्गदर्शन में सौंपे गए ज्ञापन में 1 जनवरी 2026 से राज्य के लगभग 4.5 लाख कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर सहित प्रदान करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इसके अलावा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने हेतु आवश्यक नियम-निर्देश जारी करने, अवकाश नगदीकरण की सीमा 240 दिनों से बढ़ाकर 300 दिन करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षक वर्ग (एलबी) की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से कर समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने की मांग भी शामिल रही। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
इस अवसर पर संघ के सुभाष तायवाड़े, कौशल खोब्रागढ़े, सविता माहेश्वरी, संध्या तारम, गायत्री ठाकुर, नजमा खान, विनीता नागेश, मानसिंह पवार, चित्रकांत वर्मा, नीतेश रंगारी, धीरेन्द्र रंगारी, छत्रपाल पंचारी, दीपेश कुमार, अंबरीश प्रजापति, टीकेश्वर साहू, मोहनीश उईके, प्रशांत सुखदेवे, आशीष भागड़कर, परमानंद ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन की जिला इकाई के राजकुमार महानदिया एवं बीके कडबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।



