रायपुर। राज्य के शासकीय कर्मचारियों को पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए विशेष अवकाश सुविधाएं देने की मांग उठी है। विषयबाध्यता मंच के प्रदेश संयोजक एवं शिक्षक नेता ऋषिकेश राजपूत ने छत्तीसगढ़ सरकार से सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए दो माह का पैरेंट्स केयर लीव शुरू करने की मांग की है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के माता-पिता या परिवार के बुजुर्गों की सेवा और देखभाल के लिए वृद्धजन सेवा अवकाश देने का सुझाव दिया गया है।
राजपूत ने इसे सहानुभूति और संवेदनशीलता से जुड़ा जरूरी विषय बताते हुए कहा कि बुजुर्गों की देखभाल परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस दिशा में आवश्यक प्रावधान करने का आग्रह किया है।
ऋषिकेश राजपूत ने शासकीय कर्मचारी के परिवार में शोक की स्थिति में 13 दिन का अवकाश देने का भी निवेदन किया है। इसके अलावा 15 दिन के पितृत्व अवकाश को बच्चे के 18 वर्ष की आयु तक उपयोग के लिए प्रभावी रखने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के बीमार होने पर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी परिवार के मुखिया पर भी होती है। ऐसे समय में कर्मचारी को बच्चे के साथ रहने और उसकी देखभाल करने के लिए अवकाश की सुविधा मिलनी चाहिए। राजपूत ने राज्य सरकार से कर्मचारियों की पारिवारिक जरूरतों और सामाजिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।



