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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, कांग्रेस नेता ओमप्रकाश साहू ने की तत्काल मुआवजे की मांग

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राजनांदगांव। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान पहुंचने का दावा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के जिला सचिव ओमप्रकाश साहू ने प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खेतों में खड़ी पकी फसल गिरने के साथ कटाई के बाद रखी गई धान की उपज भी बारिश से प्रभावित हुई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कांग्रेस नेता ओमप्रकाश साहू ने प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर खेतों में फसलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर तेज हवा और बारिश के कारण धान की खड़ी फसल खेतों में गिर गई है। वहीं, कटाई के बाद खेतों में रखी गई उपज भी भीगने से खराब होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि फसल तैयार होने के समय मौसम की मार पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में शासन-प्रशासन को नुकसान का तत्काल आकलन कर राहत पहुंचानी चाहिए।

साहू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित गांवों में भेजकर फसलों के नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाए। विशेष गिरदावरी के माध्यम से वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान राहत से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी 6-4) के प्रावधानों और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। नुकसान का आकलन करने के बाद स्वीकृत मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाए।

कांग्रेस जिला सचिव ने सहकारी और व्यावसायिक बैंकों से किसानों के फसली ऋण की वसूली आगामी आदेश तक स्थगित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में ऋण वसूली का दबाव बढ़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

उन्होंने शासन से प्रभावित किसानों को आगामी फसल की तैयारी के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की।

ओमप्रकाश साहू ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल भौतिक सत्यापन कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए ग्रामीण स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को इस संकट की घड़ी में तत्काल सहायता की जरूरत है। शासन-प्रशासन को नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर पात्र किसानों तक जल्द राहत पहुंचानी चाहिए।