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12 स्कूलों में 1500 से अधिक छात्राओं को किया जागरूक, 250 किशोरियों की स्वास्थ्य जांच

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राजनांदगांव। किशोरियों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए जिले के 12 स्कूलों में विशेष अभियान चलाया गया। प्रोजेक्ट निरामया नव्या 2025-26 के तहत आयोजित शिविरों में 1500 से अधिक छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव, एचपीवी टीकाकरण, माहवारी स्वास्थ्य और एनीमिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी गई। इस दौरान 250 किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरत के अनुसार आयरन, कैल्शियम और विटामिन की दवाइयां वितरित की गईं।

भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से यह अभियान 22 जुलाई से 16 अक्टूबर तक चलाया गया। इसके तहत राजनांदगांव सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों के शासकीय विद्यालयों में दोपहर तीन से शाम साढ़े चार बजे तक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के दौरान छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव, प्रजनन स्वास्थ्य और माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के उपाय बताए गए। चिकित्सकों ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन की भूमिका समझाई। साथ ही टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि एचपीवी वैक्सीन से बांझपन होने का कोई प्रमाणित संबंध नहीं है।

छात्राओं को माहवारी स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट के बारे में भी बताया गया। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने और दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वास्थ्य शिविरों में किशोरियों की माहवारी संबंधी परेशानियों, एनीमिया और सिकल सेल से जुड़ी स्वास्थ्य जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया गया। चिकित्सकीय टीम ने 250 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। जरूरत के अनुसार आयरन, कैल्शियम और विटामिन की दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।

चिकित्सकों ने छात्राओं को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने का महत्व समझाया।

अभियान के तहत बख्शी स्कूल और महारानी स्कूल राजनांदगांव के अलावा रेंगाकठेरा, बोरी, मुढ़ीपार, शंकरपुर, टेडेसरा, भरेगांव, डोंगरगांव, छुरिया और डोंगरगढ़ सहित विभिन्न स्थानों के विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। चिकित्सकीय टीम ने छात्राओं से संवाद कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

परियोजना का संचालन चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पीएम लूका और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहर देशकर के सहयोग से किया गया। प्रोजेक्ट प्रमुख डॉ. मीना आरमो के नेतृत्व में डॉ. रेवती, डॉ. रुकसाना, डॉ. विजया, डॉ. विद्या, इंटर्न चिकित्सकों और चार एमबीबीएस विद्यार्थियों ने शिविरों में सेवाएं दीं।

अभियान में कलेक्टर जितेंद्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल, एपीसी समग्र शिक्षा मनोज मरकाम, जिला पंचायत के संबंधित अधिकारियों तथा विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों का सहयोग रहा।

प्रोजेक्ट निरामया नव्या के अंतर्गत आगामी जनवरी में अंतिम मेडिकल कैंप आयोजित करने की तैयारी है। इसके माध्यम से किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य किशोरावस्था में स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान करना और छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।