राजनांदगांव। अंगदान के लिए सहमति देकर मानवता और सेवा की मिसाल पेश करने वाले प्रधान पाठक कृति कुमार ठाकुर और उनकी पत्नी रश्मि ठाकुर को राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया गया। रायपुर में आयोजित समारोह में ठाकुर दंपत्ति के इस सराहनीय योगदान को सम्मानित किया गया। उनके इस कदम को अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों को जीवन की नई उम्मीद देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अंगदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि एक व्यक्ति का निर्णय कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। कृति कुमार ठाकुर और रश्मि ठाकुर ने अंगदान के लिए सहमति देकर समाज के सामने परोपकार और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की है। उनकी पहल से दूसरे लोग भी अंगदान के महत्व को समझने और इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
ठाकुर दंपत्ति को मिला यह सम्मान मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित करता है। अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और लोगों को इसके महत्व से अवगत कराने में ऐसे प्रयासों की अहम भूमिका है।
उनकी पहल यह संदेश देती है कि दूसरों के जीवन को बचाने और उन्हें नई उम्मीद देने से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। ठाकुर दंपत्ति का यह योगदान समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही मानवता और जनसेवा की भावना को भी मजबूती देगा।



