राजनांदगांव। शक्ति धाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम बापूटोला में 16 से 18 अक्टूबर तक होने वाले तीन दिवसीय कामधेनु महायज्ञ एवं गौ-कथा की तैयारियों को लेकर रविवार को गांधी सभागृह में सर्व समाज की बैठक हुई। इसमें विभिन्न समाजों, धार्मिक संगठनों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
बैठक में आयोजन के उद्देश्य गो-सेवा, गो-संवर्धन और गो-संरक्षण के साथ गौ माता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए जनजागरण अभियान, ग्रामीण एवं कृषि जीवन में गोवंश की उपयोगिता तथा गो-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समाज के सभी वर्गों से सहभागिता का आह्वान
बैठक में विष्णु साव, नंदूराम साहू, अनुप श्रीवास, अरुण गुप्ता, अंशुल कसार, राधेलाल यादव और चंद्रेश जैन ने विचार रखे। वक्ताओं ने समाज के सभी वर्गों से आयोजन में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ी है तथा इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कार्यक्रम के संकल्पकर्ता गुरुदेव हरीश यादव के मार्गदर्शन में हुई बैठक में नंदूराम साहू (विहिप), अनुप श्रीवास, विष्णु साव, मनोज शुक्ला, अंजली वाडेकर, मीना यादव, विमल गुप्ता, योगेश बागड़ी, विवेक त्रिपाठी, नवीन अग्रवाल, डॉ. उत्तम चावड़ा, चंद्रेश जैन, अरुण गुप्ता, शिव वर्मा, ब्रह्मकुमार मुरलीधर, अंशुल कसार, राधेलाल यादव, उपेंद्र यादव, महेश यादव, गोपेन्द्र कुमार साह, भरत साहू और डॉ. चेतन साहू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय
बैठक में कामधेनु महायज्ञ एवं गौ-कथा को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सर्व समाज के सहयोग और सहभागिता से जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक परिवार तक गो-सेवा और गो-संरक्षण का संदेश पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय कामधेनु महायज्ञ एवं गौ-कथा का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ गौ संरक्षण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण के लिए जनजागरूकता बढ़ाना है। आयोजन में धर्मप्रेमी और समाजसेवी नागरिकों से सहभागिता की अपील की गई है।



