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राजनांदगांव में एकमात्र शल्य पशु चिकित्सक के तबादले से आक्रोश, पशुपालकों व छात्रों ने विस अध्यक्ष से की गुहार

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राजनांदगांव। जिला पशु चिकित्सालय में पदस्थ शल्य पशु चिकित्सक डॉ. तरुण रामटेके के तबादले को लेकर पशुपालकों, डॉग लवर्स और गौसेवकों में नाराजगी है। डॉ. रामटेके का तबादला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में किया गया है। पशुपालकों का कहना है कि उनके जाने से जिला पशु चिकित्सालय में जटिल सर्जरी की सुविधा प्रभावित हो सकती है। इसे लेकर पशुपालकों और कामधेनु विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से तबादले पर पुनर्विचार की मांग की है।

जटिल ऑपरेशन के लिए बाहर जाने की आशंका

पशुपालकों के अनुसार डॉ. रामटेके के तबादले के बाद पशुओं की सर्जरी के लिए दुर्ग या रायपुर जाना पड़ सकता है। इससे पशुपालकों पर अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि जिला पशु चिकित्सालय में वर्तमान में जटिल सर्जरी के लिए डॉ. रामटेके की सेवाएं महत्वपूर्ण रही हैं।

दो साल में विकसित हुआ रेफरल सेंटर

पशुपालकों के अनुसार डॉ. रामटेके करीब दो वर्षों से जिला पशु चिकित्सालय में सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त गौवंश, भैंस सहित अन्य पशुओं का उपचार और सर्जरी की है। मोहरा स्थित गौ आरोग्यम केंद्र में भी घायल गौवंश के उपचार में उनकी भूमिका रही है। पशुपालकों का दावा है कि उनके कार्यकाल में जिला पशु चिकित्सालय में जटिल मामलों के उपचार की सुविधा बेहतर हुई और इसे रेफरल सेंटर के रूप में पहचान मिली।

स्ट्रीट डॉग की सर्जरी में भी सेवाएं

पशुपालकों के मुताबिक डॉ. रामटेके ने बड़ी संख्या में जरूरतमंद पशुओं की सर्जरी की है। इनमें स्ट्रीट डॉग के ट्यूमर, स्पेइंग और न्यूटरिंग जैसी सर्जरी भी शामिल हैं। डॉग लवर्स और गौसेवकों का कहना है कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सक के तबादले से जिले में पशु चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल पढ़ाई की चिंता

छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय के बीवीएससी विद्यार्थियों ने भी तबादले को लेकर चिंता जताई है। विद्यार्थियों के अनुसार वे डॉ. रामटेके के मार्गदर्शन में छोटे-बड़े पशुओं की सर्जरी की प्रायोगिक जानकारी हासिल कर रहे हैं। पशुपालकों का कहना है कि तबादले से विद्यार्थियों की इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी प्रभावित हो सकता है।

पशुपालकों और विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मामले में हस्तक्षेप कर तबादले पर पुनर्विचार कराने की मांग की है।