Home छत्तीसगढ़ शिक्षक दिवस, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं प्राचार्य के जन्मदिन का त्रिवेणी संगम :...

शिक्षक दिवस, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं प्राचार्य के जन्मदिन का त्रिवेणी संगम : मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

1
0

राजनांदगांव। ठाकुरटोला स्थित संस्कार सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर के जन्मदिन के अवसर पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बीएड और डीएलएड के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शिक्षकों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित कीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती का पूजन और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया। बीएड और डीएलएड के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण जन्म एवं उनके जीवन प्रसंगों पर आधारित डॉक्यूमेंटरी प्रस्तुत की। इसके अलावा डॉ. राधाकृष्णन के जीवन, योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंटरी भी दिखाई गई।

प्राविण्य सूची के विद्यार्थियों का सम्मान
बीएड सत्र 2024-26 में अस्मीत कौर ने प्रथम, काजल साहू ने द्वितीय और हिमानी सूर्यवाणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2025-27 में सोमी श्रीवास्तव प्रथम और किरण साहू द्वितीय रहीं। डीएलएड सत्र 2024-26 में वेदिका ने प्रथम, कल्याणी ने द्वितीय और फिजा परवीन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डीएलएड प्रथम वर्ष में राहुल कुमार साहू प्रथम और खुशी वैष्णव द्वितीय रहीं। सभी विद्यार्थियों को प्राचार्य और महाविद्यालय परिवार ने सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मटकी फोड़ रहा आकर्षण
शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, खेल और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिक्षकों के लिए आयोजित मनोरंजक खेलों में शिक्षकगण ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर ने भी मटकी फोड़ में सहभागिता कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

भावी शिक्षकों को दिया सफलता का संदेश
प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने हिम्मत, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, मेहनत और निरंतर प्रयास को सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। विद्यार्थियों को चुनौतियों का धैर्य और साहस के साथ सामना करने तथा जिम्मेदार, संवेदनशील और आदर्श शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की और शिक्षकों व स्टाफ के सम्मान में गीत भी गाया। उनके इस आत्मीय अंदाज को विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सराहा। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने प्राचार्य को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। संयुक्त आयोजन उत्साह, सम्मान और आत्मीयता के वातावरण में संपन्न हुआ।