खैरागढ़। विश्व मच्छर दिवस 20 अगस्त के अवसर पर जिला केसीजी के समस्त विकासखंडों में व्यापक जनजागरूकता अभियान, संगोष्ठियों एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, चिकनगुनिया सहित विभिन्न मच्छरजनित रोगों से बचाव, समय पर जांच एवं शीघ्र उपचार के प्रति आमजन को जागरूक किया गया।
अभियान कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन एवं प्रभारी अधिकारी (स्वास्थ्य) सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा तथा जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन के नेतृत्व में संचालित किया गया।
अभियान के दौरान ग्रामीणों एवं स्कूली विद्यार्थियों को मच्छरजनित रोगों के लक्षण, बचाव, प्रारंभिक पहचान एवं उपचार की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि इन रोगों की रोकथाम काफी हद तक संभव है तथा समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। इनके नियंत्रण एवं उन्मूलन में समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस वर्ष की थीम मच्छर छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनका प्रभाव बहुत बड़ा है के अंतर्गत मच्छरजनित रोगों से बचाव में जनभागीदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। आयोजित संगोष्ठियों में मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, जांच एवं उपचार संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर बुखार सर्वे किया गया। संभावित मरीजों की त्वरित जांच आरडीटी/स्लाइड के माध्यम से की गई तथा पॉजिटिव पाए गए मरीजों का समयबद्ध एवं पूर्ण उपचार सुनिश्चित किया गया। साथ ही जल-जमाव को समाप्त कर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार को नजरअंदाज न करें, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें। घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने मच्छरदानी के नियमित उपयोग, साफ-सफाई एवं जल-जमाव रोकने पर विशेष जोर दिया।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि जिले के सभी ग्रामों में ग्राम स्वास्थ्यए स्वच्छता एवं पोषण समितियों (वीएचएसएनसी) तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से समुदाय को मच्छरजनित रोगों से बचाव हेतु निरंतर जागरूक किया जा रहा है। शून्य मलेरिया-स्वस्थ भारत, स्वस्थ केसीजी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी,, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल शिक्षा विभाग, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर विवेक मेश्राम के नेतृत्व में सेक्टर प्रभारी अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, मितानिनों एवं ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोग रहा।



