राजनांदगांव। बीते सप्ताह कोरिया जिले के सोनहत में हुए वीभत्स एवं जघन्य आगजनी हत्याकांड ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के लोगों को सुनियोजित तरीके से जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार देना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
इस मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए श्री राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) लगातार मोर्चा सम्हाले हुए है और अब पहली सफलता उन्हें तब मिली जब उक्त हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
कोरिया में हुए जघन्य हत्याकांड के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना द्वारा पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन, गृहमंत्री का पुतला दहन एवं ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान श्री राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मामले की जांच सीबीआई को दी जाए। केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस पूरे षड्यंत्र की तह तक जाकर सभी दोषियों, सहयोगियों एवं संरक्षण देने वालों को कानून के कठोरतम प्रावधानों के तहत दंडित किया जाना चाहिए।
हत्याकांड के मामले को अब सीबीआई को दिए जाने पर संजय बहादुर सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि हमारी पहली मांग मान ली गई है और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। यह हमारे प्रदर्शन की पहली सफलता है, लेकिन श्री राजपूत करणी सेना तब तक शांत नहीं बैठेगी, जब तक अपराधियों को फांसी ना हो जाए और उनके घर पर जब तक बुलडोजर कार्यवाही ना हो जाए ।
संजय बहादुर सिंह ने सीधे तौर पर कहा है कि केवल सीबीआई जांच का हवाला देकर इस मामले को शांत नहीं किया जा सकता। आरोपियों का एनकाउंटर किया जाना चाहिये और अलग से बैंच बनाकर जल्द से जल्द मामले की सुनवाई कर आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए।
संजय बहादुर सिंह ने कहा कि जब तक पीढ़ी परिवार को पूरी तरह से न्याय नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और भविष्य में इसे और व्यापक किया जाएगा।
सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि यह पहली सफलता है, लेकिन दोषियों के फांसी तक आंदोलन किसी भी प्रकार से नहीं रुकेगा। अपराधियों के मकान पर बुलडोजर कार्यवाही और पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए, जिससे वो भयहीन हो कर अपना जीवन जी सकें।


