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हज केवल एक इबादत नहीं, बल्कि इंसान की रूहानी तरबियत, अखलाकी इस्लाह और इंसानियत की खिदमत का सबसे बड़ा जरिया : हाजी रईस अहमद शकील

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राजनांदगांव। मुस्लिम समाज जामा मस्जिद के सदर एवं सामाजिक चिंतक रईस अहमद शकील साहब ने इस वर्ष हज-ए-बैतुल्लाह के मुबारक और मुकद्दस सफर पर रवाना हो रहे लोगों को मुबारक दी और कहा ये इनके जीवन का एक बेहद अहम, रूहानी और बरकतों से भरपूर अवसर है, जिसे वह गहरी आस्था, अदब और तवक्कुल के साथ अंजाम देने जा रहे हैं। इस पाक-पवित्र यात्रा के दौरान सभी हाजी साहेबान अपने शहर, समाज, मुल्क और पूरी दुनिया के लिए अमन, सुकून, भाईचारे, मोहब्बत और खुशहाली की खास दुआ मांगेंगे। रईस अहमद शकील ने कहा कि हज केवल एक इबादत नहीं, बल्कि इंसान की रूहानी तरबियत, अखलाकी इस्लाह और इंसानियत की खिदमत का सबसे बड़ा जरिया है।
इस्लामी हज का महीना इस्लामी हिजरी कैलेंडर का 12वां और अंतिम महीना जुल-हिज्जा कहलाता है, इस महीने को हज का महीना इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वार्षिक हज तीर्थयात्रा 8वीं से 12वीं तारीख तक इसी दौरान होती है, इसलिए जुल-हिज्जा इसे हज तीर्थयात्रा का महीना भी कहा जाता है। यह इस्लामी कैलेंडर का 12वां महीना है, इसी महीने में ईद-उल अजहा (बकरीद) भी मनाई जाती है। इसलिए यह हज का मुकद्दस सफर… हज करने वालों के लिए सिर्फ एक धार्मिक फरीजा नहीं, बल्कि एक रूहानी तजुर्बा, आत्म-शुद्धि और नए इमानी एहसास का जरिया भी है, इस दौरान वह पूरी इंसानियत के लिए रहमत, अमन और मोहब्बत की दुआ करेंगे, ये यकीन है कि जब समाज में अदल, इंसाफ और रहम-दिली का निजाम मजबूत होता है, तो दुनिया में खुद-ब-खुद सुकून और तरक्की पैदा होती है।
हाजी रईस अहमद शकील ने कहा शहर जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी और तमाम कमेटी के मुतवल्लियान, ईमाम हजरात, कमेटी ओहदेदार, मेंबर, जमातियों, और तमाम हाजियों के अहबाब, अहल-ए-खाना और चाहने वालों ने हज में जाने वाले हाजियों को इस मुबारक सफर के लिए दिली मुबारकबाद और नेक तमन्नाएं दी हैं।
हज के सफर में जाने वालों में हाजी एजाजुर रहमान, सैय्यद इकबाल हुसैन, हाजी अतहर रिजवी, शब्बीर अहमद, मोजजन सफी, उल्लाह अंसारी, रमजान अली, शब्बीर सब्बू सोलंकी, इमरान अंसारी, शेख याकूब, अक्कू भाई और हाजी फारूख मोहला की रवानगी हुई है।
मुस्लिम समाज के मिडिया प्रभारी सैय्यद अफजल अली ने कहा हज के मुबारक सफर पर रवाना होने वाले खुशनसीब लोगों का जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी की ओर से इस्तकबाल किया गया।
वहीं आजमीने हज ने भी अवाम से अपनी कामयाबी और आसानी के लिए दुआओं की दरख्वास्त की। हज पर जाने वालों का जामा मस्जिद कमेटी इंतजामिया और जमाती भाइयों ने फूलों के हार से इस्तकबाल कर उन्हें मुबारकबाद पेश की गई, सभी चाहनें वालें लोग उनकी सलामती, कामयाब हज और खुशहाल वापसी के लिए दुआ करने लगे हैं, यह सफर उनके लिए नई रूहानी ताजगी और समाजी खिदमत के नए जज्बे का सबब बनेगा।