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चुनावी घोषणापत्र में नरमी, भारत से सहयोग बढ़ाने की बात

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बांग्लादेश.  इसी महीने 12 फरवरी को बांग्लादेश में चुनाव हैं। ऐसे में देश के अंदर प्रमुख राजनीतिक दल जमात-ए इस्लामी एक अहम ताकत के रूप में उभरती नजर आ रही है। भारत विरोधी गुट के रूप में पहचान जाने वाले जमात ने अपना बुधवार (04 फरवरी) को घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने भारत के साथ अच्छे रिश्तों पर जोर दिया।

जमात ने जारी किया 41 सूत्रीय घोषणापत्र

बांग्लादेश की प्रमुख इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने चुनावों से पहले 41 सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया, जिसमें न्याय और आर्थिक क्षेत्रों में सुधारों के साथ-साथ मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल करने का वादा किया गया है। जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने घोषणापत्र जारी किया, जिसमें पार्टी के सत्ता में आने पर ‘राजकब्जा में पर्याप्त संख्या में महिलाओं को शामिल करने’ का वादा किया गया।, हालांकि पार्टी ने कोई भी महिला उम्मीदवार को चुनावी मैदान में नहीं उतार है।

पड़ोसी देशों के साथ बेहतरी संबंध पर जोर

इस्लामिक कंजर्वेटिव पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने अपने घोषणापत्र में भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ रचनात्मक और सहयोगात्मक रिश्ते बनाए रखने का वादा किया है। पार्टी के बयान के अनुसार ये संबंध आपसी सम्मान और निष्पक्षता के आधारित होंगे। घोषणापत्र में दावा किया गया कि भारत, श्रीलंका, भूटान, नेपाल, म्यांमार, मालदीव और थाइलैंड के साथ शांतिपूर्ण, मित्रतापूर्ण और सहयोगी संबंध स्थापित किए जाएंगे।

पार्टी ने कहा कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के लिए पड़ोसियों के साथ संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।इस घोषणापत्र का अनावरण ढाका के एक होटल में जमात प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान ने किया। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनकी राजनीतिक दृष्टि पार्टी की जीत से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा, ‘मैं केवल जमात की जीत नहीं चाहता। मैं बांग्लादेश के सभी 18 करोड़ नागरिकों की जीत चाहता हूं। मैं किसी एक समूह या परिवार पर केंद्रित राजनीति में विश्वास नहीं करता; मैं जनता की राजनीति में विश्वास करता हूं।

घोषणापत्र 26 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहले खंड में एक न्यायसंगत, सशक्त और मानवीय बांग्लादेश के निर्माण पर बल दिया गया है। इसके बाद के खंड स्वतंत्र विदेश नीति, सुदृढ़ रक्षा क्षमता, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, सतत आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित हैं। इसमें कृषि और खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन और पशुधन विकास, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन शमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार, बुनियादी ढांचा विकास और युवाओं के नेतृत्व वाली प्रौद्योगिकी पहलों को भी शामिल किया गया है।