रायपुर. छत्तीसगढ़ के कला ऋषि दाऊ रामचंद्र देशमुख की 28वीं पुण्यतिथि पर चंदैनी गोंदा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वृंदावन हॉल में आयोजित समारोह में सुप्रसिद्ध गीतकार रामेश्वर वैष्णव “प्रथम चंदैनी गोंदा सम्मान 2026” से अलंकृत हुए। कार्यक्रम संयोजक डॉ तरुण नायक ने उन्हें ग्यारह हजार एक रुपए सम्मान राशि, शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट किया।
चंदैनी गोंदा समय की पाबंदी का प्रबल पक्षधर रहा है। इसका निर्वहन करते हुए चीर परिचित अंदाज में डॉ. सुरेश देशमुख ने कहा-घड़ी मिलाइए। हमारा कार्यक्रम अपने निर्धारित समय ठीक 3 बजे आरंभ हो रहा है। उन्होंने दाऊ जी की संघर्ष गाथा, सांस्कृतिक क्रांति लाने में मिली सफलता पर प्रकाश डाला। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाषाविद डॉ. चितरंजन कर ने कहा, “कला वही कालजयी होती है, जो काल से संवाद करती है। मानव जीवन में अनुष्ठान की अनुभूति लोक संगीत से होती है।”



