रायपुर, 5 नवंबर 2025/ भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आयोजित “लखपति दीदी सम्मेलन” में शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए लखपति दीदी पहल की सराहना की और इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं – दीदियों – के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन बदल सकती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन महिलाओं की उपलब्धियाँ भारत की बहनों – ग्रामीण भारत की रीढ़ – की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करती हैं। सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का विजन महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है – एक ऐसा आंदोलन जिसकी छत्तीसगढ़ में स्पष्ट अभिव्यक्ति हुई है। उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व की प्रशंसा की और लखपति दीदी पहल को एक जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देश भर में दो करोड़ से ज़्यादा महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पाँच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और आय-सृजन गतिविधियों के माध्यम से वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव ज़िला प्रशासन के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने 9,663 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक लाख से ज़्यादा महिलाओं को जोड़ा है और ₹700 करोड़ से ज़्यादा की वित्तीय सहायता प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि महिला सम्मान योजना के तहत राज्य द्वारा ₹13,000 करोड़ से ज़्यादा के प्रत्यक्ष हस्तांतरण ने 20 किश्तों में महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है। श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में राजनांदगांव की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और बताया कि 1,000 से अधिक महिलाएँ स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी व्याप्त है, जहाँ नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन भागीदारी, पारदर्शिता और स्थानीय सशक्तिकरण सुनिश्चित करके लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाओं को केवल अपने घरों तक ही सीमित रहना चाहिए। आज, वे प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर रही हैं और भविष्य के नेताओं को प्रेरित कर रही हैं। उपराष्ट्रपति ने सरकारी सहयोग से सभी बाधाओं को पार करने के लिए लखपति दीदियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की और आशा व्यक्त की कि वे जल्द ही करोड़पति दीदी बन जाएँगी। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इन लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में जुटी हैं, जिससे नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है। विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हालिया जीत का उल्लेख करते हुए, श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक परिवर्तन के साथ एक प्रेरक तुलना की। उन्होंने उनके साहस, दृढ़ता और राष्ट्र की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने यह भी याद दिलाया कि 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया और एक सांसद के रूप में इस विधेयक का समर्थन करने पर गर्व व्यक्त किया।छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय था जब राज्य पानी, बिजली और विकास की कमी से जूझ रहा था, लेकिन आज यह पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने क्षेत्र से नक्सल समस्या को खत्म करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त दृष्टि को दिया। अपने संबोधन के समापन पर, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव सशक्तिकरण, लोकतंत्र और संस्कृति के क्षेत्र में मिसाल कायम करते रहेंगे। राजनांदगांव में लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान, उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन दिखाया गया – जिसमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे। श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने इन अभिनव पहलों के माध्यम से जन कल्याण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सामुदायिक विकास में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की। श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनांदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पाँच मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका, तपेदिक से निपटने और वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने मोतियाबिंद मुक्त भारत की दिशा में राष्ट्रीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देश भर में स्वास्थ्य सेवा की पहुँच में बदलाव ला रही हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे। इससे पहले, उपराष्ट्रपति ने नवा रायपुर में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) द्वारा आयोजित शानदार एयर शो का भी अवलोकन किया। यह शो राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव समारोह का एक हिस्सा था। कौशल और सटीकता के इस अद्भुत प्रदर्शन ने देशभक्ति का माहौल बनाया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।



