कवर्धा। महिला कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा अनंत ने लगातार महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, यौन उत्पीड़न, छात्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए क़ानून व्यवस्था पर सवाल किया कि क्या आखि़र कब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी और हम घटना पर दुःख जताकर अपनी ज़िम्मेदारी से बचते रहेंगे।
कांग्रेस महिला अध्यक्ष सीमा ने कहा है कि घटना चाहे देश के किसी भी राज्य का हो या शहर का हो या गाँव की हो। महिलाएं आज कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। महिला अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार व पुलिस प्रशासन अंकुश लगाने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। उन्होने कहा कि चाहे दुर्ग डीपीएस स्कूल में मासूम बच्चों के साथ हुई घटना हो या बस स्टैण्ड रायपुर के सार्वजनिक स्थल का, जहां पर महिला के साथ हुई रेप का मामला हो। आज अभिवावक व महिलाएं डरी सहमी हुई हैं। लगातार मीडिया अन्य माध्यम से प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा सजग हो जाने के लिए अवगत कराया जाता है। लेकिन नज़रंदाज़ कर दिया जाता है और घटनाएं लगातार हो रहीं है।
जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सीमा ने कहा है कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि देश के सर्वाेच्च पद पर बैठी राष्ट्रपति को महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए अपनी बात रखनी पड़ी। महामहिम द्रोपति मूर्मू ने कहा कि मैं बुरी तरह डरी हुई और स्तब्ध हूं। केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार पर सवाल उठ रहा है। देश की प्रथम व्यक्ति महामहिम राष्ट्रपति ने पीड़ा जताई है इससे समझ आता हैं कि स्थिति कितनी गंभीर हैं। उन्होने कानून में संशोधन कर महिला अपराध से जुड़े अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है, जिससे अपराधियों में डर पैदा हो और महिला अपराध पर अंकुश पाई जा सके।



