उच्च न्यायालय ने दिया एक सप्ताह में चुनाव कराने आदेश
पूरे मामले पर कांग्रेस पार्षद मोहित माहेश्वरी ने न्यायालय की शरण जाकर याचिका दायर की थी। संविधान के विपरीत किए गए इस प्रकार के कृत्य से कवर्धा की जनता का विश्वास जरुर डगमगाया। लेकिन आज पूरे मामले पर माननीय उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए याचिका क्रमांक डब्ल्यूपीसी/१५१६/२०२४ पर शासन द्वारा अध्यक्ष मनोनयन की प्रक्रिया कों गलत ठहराते हुए शासन कों एक सप्ताह के भीतर चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ करने का आदेश जारी किया है।
पार्षद माहेश्वरी ने बताया कि माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 37 के अंतर्गत निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं हो रहा था। माननीय न्यायालय ने यह निर्णय लेने के पश्चात कहा कि चुनाव तत्काल कराया जाए और सभी तथ्यों के आधार पर निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह सात दिनों के भीतर आवश्यक अधिसूचना जारी करके प्रक्रिया आरंभ करे। सभी कांग्रेसी पार्षदों द्वारा चुनाव तत्काल कराने का अनुरोध किया गया है, जिससे संविधान के भावना की रक्षा की जाए तथा कानून का शासन सुरक्षित रहे।
माननीय न्यायालय के आदेशानुसार निर्वाचन अधिसूचना जारी करने में किसी भी प्रकार का विलम्ब माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश की जानबूझकर अवहेलना होगी तथा यह नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष पद पर आसीन होने के संवैधानिक आदेश को जानबूझकर दरकिनार करने का कृत्य भी होगा। पार्षद श्री माहेश्वरी ने बताया कि चुनाव हुए काफी समय बीत चुका है जिसके फलस्वरूप राज्य द्वारा मनोनीत पार्षद ने नगर पालिका परिषद कवर्धा के कार्यालय पर कब्जा कर लिया है जो संविधान के विरुद्ध है।
0 राज्य निर्वाचन आयोग को पार्षदों ने आदेश की कापी सौंपी
आदेश आने के बाद समस्त कांग्रेसी पार्षदगण ने आज राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर मान. उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश की कॉपी सहित 15 पार्षदों के हस्ताक्षर के साथ चुनाव के संबंध में आवेदन निर्वाचन आयोग कों सौंपा है, जिससे जल्द से जल्द चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ किया जा सके। चुनाव हुए काफी समय बीत चुका है जिसके फलस्वरूप राज्य द्वारा मनोनीत पार्षद ने नगर पालिका परिषद कवर्धा के कार्यालय पर कब्जा कर लिया है।



