राजनांदगांव। कार्यप्रणाली को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाला शिक्षा विभाग के अधिकारी पद ग्रहण करते ही फंसते नजर आ रहे है। सीनियर-जूनियर का मामला अभी तूल पकड़ा ही है कि नवपदस्थ डीईओ अभय जायसवाल की एक और लिखित शिकायत हो गई और मामला इतना गंभीर है कि उनके विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही लगभग तय माना जा रहा है। बताते है कि 6 मार्च 2024 को दुर्ग जिले के शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 में पदोन्नति अभय जायसवाल ने की, जिसमें व्यापक स्तर पर अनियमितता करने का आरोप लग रहे है।
छत्तीगसढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल जो शिकायतकर्ता भी है, उनका कहना है कि अभय जायसवाल, तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा दुर्ग ने दिनांक 06.03.2024 में सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 में पदोन्नति और सहायक ग्रेड-3 से सीधे कनिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर पदोन्नति दिया गया, जिसमें लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश दिनांक 29.12.2005 और दिनांक 24.04.2008 की अवहेलना की गई, क्योंकि इस आदेश में सहायक ग्रेड-2 से कनिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर पदोन्नति का प्रावधान है। श्री पॉल ने बताया कि, इस पदोन्नति में कई बाबू स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे, उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त किए बगैर ही उन्हें शासकीय स्कूलों में पदोन्नति दे दिया गया। वहीं वरिष्ठता सूची में बिना नाम जोड़े अपने चेहते बाबू राजकुमार राजपूत और चंद्रप्रकाश साहू को पदोन्नति दिया गया। इस प्रकार अभय जायसवाल, तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग ने नियम कानून को दरकिनार कर, सिर्फ व्यक्तिगत आर्थिक लाभ कमाने की नियत से पदोन्नति में भारी अनियमितता किया गया, जिसकी लिखित शिकायत कर उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है।



